भोपाल। नीलबड़ स्थित गणेश गार्डन में आयोजित विश्वकर्मा समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बी.एल. विश्वकर्मा ने समाज के समग्र उत्थान, राजनीतिक भागीदारी और युवाओं के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में बी.एल. विश्वकर्मा ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपने अधिकारों के लिए स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि अब अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उन्हें हासिल करने के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के लोगों से राजनीतिक दलों में अपनी मजबूत पकड़ बनाने का आह्वान किया, ताकि नीतिगत स्तर पर समाज की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उनका मानना है कि यदि समाज के अधिक से अधिक युवा प्रशासनिक सेवाओं में जाएंगे और अधिकारी बनेंगे, तो समाज का प्रभाव और विकास दोनों तेजी से बढ़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी को भी आवश्यक बताया।
बी.एल. विश्वकर्मा, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के ओएसडी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।
उन्होंने समाज के लोगों से अपनी पहचान और सामूहिक शक्ति को मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार और व्यवसाय के क्षेत्र में भी विश्वकर्मा समाज को अपनी पकड़ मजबूत करनी चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से समाज सशक्त बन सके।
आर्थिक मजबूती से ही सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी बढ़ेगा।
अधिवेशन में समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती और आने वाली पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और वक्ताओं के विचारों को गंभीरता से

